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ड्रग्स का मामला: कांग्रेस बोली- युवाओं को नशे की आग में झोंक रही केन्द्र सरकार

नई दिल्ली, नवसत्ता: कांग्रेस ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर करीब 3000 किलोग्राम हेरोइन बरामद किये जाने को लेकर आज केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का एक आयोग गठित करके इस मामले की जांच होनी चाहिए. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह दावा भी किया कि पहले भी इस बंदरगाह के जरिये बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी की गई. नरेंद्र मोदी सरकार देश की सुरक्षा करने में विफल हो गई है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मामले पर देश को जवाब देना चाहिए.
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया था कि राजस्व खुफिया निदेशालय ने गुजरात के कच्छ जिले में मुंद्रा बंदरगाह से 2,988.21 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है, जिसकी कीमत 15000 करोड़ रुपये है. इस बंदरगाह के परिचालन का स्वामित्व अडाणी समूह के पास है. अडाणी समूह के एक प्रवक्ता ने इस घटनाक्रम पर मंगलवार को कहा था कि बदंरगाहों के परिचालन में परिचालक कंपनियों की भूमिका सीमित होती है तथा कंटेनरों की छानबीन एवं जब्ती का काम सरकारी एजेंसियां ही करती हैं, ऐसे में यह समूह आशा करता है कि सोशल मीडिया पर चलाये जा रहे दुष्प्रचार पर विराम लगेगा.
कांग्रेस का सवाल- 1,75,000 करोड़ के ड्रग्स कहां गए?
सुरजेवाला ने सवाल किया, ‘1,75,000 करोड़ के 25,000 किलोग्राम हेरोइन ड्रग्स कहां गए? नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डीआरआई, ईडी, सीबीआई, आईबी, क्या सोए पड़े हैं या फिर उन्हें मोदी जी के विपक्षियों से बदला लेने से फुर्सत नहीं? क्या यह सीधे-सीधे देश के युवाओं को नशे में धकेलने का षडय़ंत्र नहीं? क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं, क्योंकि यह सारे ड्रग्स के तार तालिबान और अफगानिस्तान से जुड़े हैं?
उन्होंने यह भी पूछा, ‘ क्या ड्रग माफिया को सरकार में बैठे किसी सफेदपोश का और सरकारी एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है? अडाणी मुंद्रा पोर्ट की जांच क्यों नहीं की गई? क्या प्रधानमंत्री और सरकार देश की सुरक्षा में विफल नहीं हो गए हैं? क्या ऐसे में पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीशों का आयोग बनाकर जांच नहीं होनी चाहिए?
सरकार की नाक के नीचे हो रहा तस्करी का काम
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मादक पदार्थों की तस्करी सरकार की नाक के नीचे हो रही है और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने यह सवाल भी किया कि आखिर ड्रग तस्कर गुजरात के बंदरगाह का उपयोग क्यों कर रहे हैं?
उधर, अडाणी समूह के एक प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा, 16 सितंबर, 2021 को डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग के संयुक्त अभियान में अफगानिस्तान से आए दो कंटेनरों में बड़ी मात्रा में हेरोइन होने का पता चला. ये कंटनेर मुंद्रा बंदरगाह के डीपी वल्र्ड टर्मिनल पर पहुंचे थे. हम डीआरआई और सीमा शुल्क विभाग का धन्यवाद करते हैं और बधाई देते हैं कि उन्होंने गैरकानूनी ड्रग्स और आरोपियों को पकड़ा.

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