Navsatta
आस्थाखास खबरदेशराजनीतिराज्य

हिंदू धर्म अपनाते ही वसीम रिजवी ने इस्लाम को बताया आतंकी गुट

गाजियाबाद,नवसत्ता: शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है. सोमवार सुबह गाजियाबाद के डासना मंदिर में यति नरसिंहानंद सरस्वती ने उन्हें सनातन धर्म में शामिल कराया. वसीम रिजवी ने हिंदू बनने के बाद कहा कि मुझे इस्लाम से बाहर कर दिया गया है, हमारे सिर पर हर शुक्रवार को इनाम बढ़ा दिया जाता है, आज मैं सनातन धर्म अपना रहा हूं. यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि हम वसीम रिजवी के साथ हैं, वसीम रिजवी त्यागी बिरादरी से जुड़ेंगे, उनका नया नाम हरबीर नारायण त्यागी रखा गया है.

हिंदू धर्म अपनाने के बाद वसीम रिजवी ने कहा, ‘धर्म परिवर्तन की यहां पर कोई बात नहीं है, जब मुझको इस्लाम से निकाल दिया गया, तब यह मेरी मर्जी है कि मैं किस धर्म को स्वीकार करूं. सनातन धर्म दुनिया का सबसे पहला धर्म है और इतनी उसमें अच्छाइयां पाई जाती हैं, इंसानियत पाई जाती है. हम यह समझते हैं किसी और दूसरे धर्म में नहीं है और इस्लाम को हम धर्म समझते ही नहीं है. हमारे सिर पर हर शुक्रवार को ईनाम बढ़ा दिया जाता है, इसलिए आज मैं सनातन धर्म अपना रहा हूं.’

इतना ही नहीं वसीम रिजवी ने कहा, हम इस्लाम को धर्म ही नहीं समझते हैं. मोहम्मद साहब के बनाए धर्म इस्लाम को पढऩे के बाद और उसका आतंकी चेहरा देखने के बाद मुझे समझ में आया है कि ये कोई धर्म नहीं है. ये एक आतंकी गुट है जो 1400 साल पहले अरब में तैयार किया गया था. हर जुम्मे की नमाज के बाद हमारा सर काटने के लिए कहा जाता है. मुझे मुसलमान मानने में इन्हें शर्म आती है इसलिए मैंने सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है.

बता दें कि वसीम रिजवी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि बे इस्लाम छोड़ सनातन धर्म में शामिल होने वाले हैं. उधर वसीम का धर्मांतरण कराने के बाद यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा- ‘हम वसीम रिजवी के साथ हैं, वसीम रिजवी त्यागी बिरादरी से जुड़ेंगे.’ यति नरसिंहानंद करीब एक महीने पहले ही जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर भी बन गए हैं.

बीते दिनों वसीम रिजवी ने अपनी वसीयत भी सार्वजनिक की थी. इसमें उन्होंने ऐलान किया था कि मरने के बाद उन्हें दफनाया न जाए, बल्कि हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाए और उनके शरीर को जलाया जाए. वसीम रिजवी ने कहा था कि यति नरसिम्हानंद उनकी चिता को अग्नि दें.

वसीम रिजवी ने कहा था कि कुछ लोग उन्हें मारना चाहते हैं और इन लोगों ने घोषणा कर रखी है कि उनके मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को किसी कब्रिस्तान में दफनाने नहीं दिया जाएगा. इसलिए उनके पार्थिव शरीर को श्मशान घाट में जलाया जाए.

बता दें कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन रह चुके वसीम रिजवी काफी समय से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं. वे कट्टरपंथ के खिलाफ लंबे समय से खुलकर आवाज उठाते रहे हैं. कई बार उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं.

कुछ समय पहले वसीम रिजवी ने कुरान के कथित रूप से विवादित आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को याचिका दाखिल की थी. उनकी याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी थी, साथ ही उन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था. वसीम रिजवी ने कुरान से 26 आयतें हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसके बाद से वसीम रिजवी मुस्लिम संगठनों के निशाने पर हैं.

संबंधित पोस्ट

Maharashtra Political Crisis: अनहोनी होने पर ठाकरे व पवार होंगे जिम्मेदार, एकनाथ शिंदे ने सीएम ठाकरे को लिखा पत्र

navsatta

डॉक्टर्स डे विशेष:जानिए अपने डॉक्टर के अनसुने किस्से,मिलिए रायबरेली के मशहूर सर्जन डॉक्टर आर एस मालवीय से

navsatta

योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने दिया ‘योग से सहयोग तक’ का मंत्र

navsatta

Leave a Comment