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अपराध क्षेत्रीय खास खबर

महिला सिपाही ने पहले बनाया शौहर फिर दिखाया पुलिसिया जौहर

सवालों के घेरे में तीन दरोगा सहित दो सिपाही

कप्तान ने क्षेत्राधिकारी को सौंपी जाँच

रायबरेली,नवसत्ता: अपनी कार्यशैली को लेकर रायबरेली पुलिस कई बार चर्चा में रही है लेकिन इस बार एक ऐसा प्रकरण प्रकाश में आया जिसे जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे. कई ऐसे मामले आपने पढ़े होंगे पुरुषों से संबंधित लेकिन ये मामला किसी पुरुष का नही महिला का है महिला ही नही प्रशासनिक पद पर तैनात एक महिला सिपाही का है.

मोहल्ला घोसीपुर थाना कांठ जिला मुरादाबाद निवासी विनीत कुमार ने बछरावां थाने में तैनात महिला सिपाही प्राची चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रायबरेली से शिकायत की है. प्रार्थी विनीत कुमार ने शिकायत पत्र में कहा कि वर्ष 2015 में मुरादाबाद की एक कोचिंग में उसकी मुलाकात महिला सिपाही प्राची चौहान से हुई थी दोस्ती हुई और कुछ ही समय बाद दोस्ती प्यार में बदल गई. वर्ष 2019 में प्राची चौहान का महिला सिपाही पद पर चयन हो जाने के बाद भी दोनों के बीच संबंध बने रहें और 16 मार्च 2020 को दोनों ने शादी कर ली जिसका प्रमाण पत्र व फोटो भी प्रार्थी अपने पास होने का दावा कर रहा है.

ट्रेनिंग के बाद जब महिला सिपाही की पोस्टिंग थाना लालगंज जनपद रायबरेली में हुई तो विनीत भी यहां आकर साथ रहता था जब महिला सिपाही की पोस्टिंग थाना बछरावां में हुई तब भी विनीत वहां भी जाता था और विनीत का आरोप है कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बनते थे जिससे प्राची ने कई बार गर्भपात भी करवाया.

कुछ दिनों बाद प्राची ने विनीत का फोन उठाना बंद कर दिया जब विनीत प्राची से मिलने बछरावां थाने पहुंचा तो प्राची और विनीत के बीच में कहासुनी शुरू हो गई. विनीत का आरोप है कि महिला सिपाही प्राची के कहने पर एसआई चंद्र प्रताप सिंह, एसआई प्रशांत कुमार ,एसआई शेखर बालियान, कांस्टेबल सचिन कुमार, महिला कांस्टेबल दीक्षा यादव ने उसे पकड़ कर बुरी तरह पीटा जिससे उसके गुप्तांगों में भी विशेष चोटे आई हैं.

एसआई चंद्र प्रताप सिंह द्वारा एक कट्टा लगाकर फोटो भी खींची गई व एक सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए गए पीड़ित का आरोप है कि जिस मोबाइल में सबूत के तौर पर वीडियो फोटो व रिकॉर्डिंग थी उसे भी एसआई चंद्र प्रताप सिंह द्वारा तोड़ दिया गया. पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक रायबरेली से न्याय की गुहार लगाई है.

मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारी का कहना है मामला संज्ञान में आया है. सीओ महाराजगंज को इसकी जांच सौंपी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी. पीड़ित द्वारा लगा आरोप थाने में अभद्रता को लेकर अधिकारी का कहना है यदि जांच में कोई भी दोषी पाया गया तो कार्रवाई जरूर की जाएगी. —विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक,रायबरेली

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