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सर्वदलीय बैठक में नहीं दिखे पीएम मोदी, विपक्ष ने पेगासस समेत कई मुद्दों पर उठाई चर्चा की मांग

नई दिल्ली,नवसत्ता: संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सरकार द्वारा आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अधिकतर विपक्षी दलों ने पेगासस जासूसी विवाद, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा किए जाने की मांग की. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की खबर थी लेकिन वो मीटिंग में नहीं पहुंचे. उनकी जगह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की.
सर्वदलीय बैठक में 31 राजनीतिक दलों समेत 42 नेताओं ने भाग लिया. करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में विस्तार से चर्चा हुई है. ऐसा बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं-सुदीप बंदोपाध्याय और डेरेक ओ ब्रायन ने लाभकारी सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश और न्यूनतम सर्मथन मूल्य पर कानून लाने का मुद्दा भी उठाया.

आप सांसद संजय सिंह ने किया वॉकआउट
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता हुई इस बैठक से आम आदमी पार्टी के नेता नाराज होकर चले गए. इस बैठक में शामिल हुए आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह ने यह आरोप लगाते हुए वैठक से वॉकआउट कर दिया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया. वो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून की किसानों की मांग को उठाने चाहते थे. संजय सिंह ने कहा कि वे (सरकार) किसी भी सदस्य को सर्वदलीय बैठक के दौरान बोलने नहीं देती है. मैं संसद के इस सत्र में एमएसपी गांरटी पर कानून लाने और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार का मुद्दा उठाउंगा. वे हमें सर्वदलीय बैठक और संसद में नहीं बोलने देते हैं.

परंपरागत रूप से संसद सत्र की शुरुआत की पूर्व संध्या पर होने वाली बैठक में उपस्थित प्रमुख विपक्षी नेताओं में कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खडग़े, अधीर रंजन चौधरी और आनंद शर्मा, द्रविड़ मुनेत्र कषगम से टीआर बालू और तिरुचि शिवा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से शरद पवार, शिवसेना से विनायक राउत, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, बहुजन समाज पार्टी से सतीश मिश्रा, बीजू जनता दल से प्रसन्ना आचार्य और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला शामिल थे. संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर 23 दिसंबर तक चलेगा.

सात सौ किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा, ‘मीटिंग में सभी दलों की मांग थी कि किसानों के मुद्दे पर खासकर एमएसपी कानून और बिजली कानून को लेकर तुरंत ऐक्शन लिया जाना चाहिए. इसके अलावा 700 किसानों के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए.’ खडग़े ने कहा, ‘कोविड की तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकार को एक्शन लेना चाहिए.’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमें आशंका है कि किसान बिल किसी ना किसी रूप में दोबारा लाया जा सकता है. हम जनता के मुद्दे पर सरकार का सहयोग करना चाहते है लेकिन अगर जनता के लिए सदन का कामकाज बाधित होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी.’ खडग़े ने कहा, ‘सर्वदलीय बैठक में कम से कम 15-20 विषयों पर चर्चा हुई. सभी पार्टियों ने केंद्र सरकार से कहा कि एमएसपी और इलेक्ट्रिक बिल पर तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए और एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए.’

सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘आज सरकार की तरफ से ऑल पार्टी मीटिंग में सभी दलों से सदन का कामकाज चलाने के लिए अपील की है. प्रधानमंत्री के ऑल पार्टी मीटिंग में आने की परंपरा भी मोदी जी ने ही शुरू की थी. आज किसी कारणवश नहीं आ पाए. हालांकि राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल मौजूद थे.’

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