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धर्म व कर्म की उपेक्षा से पूरी दुनिया बनी युद्ध का मैदान : ब्रह्माकुमारी गीता बहन

मथुरा,नवसत्ता: ब्रह्माकुमारी आश्रम द्वारा संचालित साप्ताहिक गीता ज्ञान यज्ञ पूर्णत: भागवत गीता पर आधारित है. श्रीमदभागवत गीता में तनावमुक्त जीवन जीने के सिद्धान्त बताए गए हैं. कार्यक्रम में रामायण के साथ-साथ महाभारत में वर्णित प्रसंग व सिद्धान्तों को साधारण व सहज तरीके से जन-जन तक समझाने के लिए साप्ताहिक संगीतमय गीता ज्ञान यज्ञ का मोतीकुंज पार्क, मथुरा में आयोजन किया गया. मध्यप्रदेश के जबलपुर से पधारीं ब्रह्माकुमारी गीता बहन द्वारा साप्ताहिक गीता ज्ञान में रामायण व श्रीमद भागवत गीता के अर्थ व महत्व को अपनी ओजस्वी वाणी से समझाया.
ब्रह्मकुमारी गीता बहन ने कहा कि श्रीमद भागवत गीता के सिद्धान्तों को सरल करके समझाते हैं क्योंकि श्रीमद भागवत गीता योग शास्त्र है और रामयण प्रयोग शास्त्र है. श्रीमद भागवत गीता में सिद्धान्त समझाएं है जीवन में कैसे पालन करना है वो वहां प्रायोगिक तौर पर दिखाया गया है. हम सात दिवस में श्रीमद भागवत गीता के अध्याय के सिद्धान्त को सरलीकरण कर जन-जन तक समझाते हैं जिससे उन्हें इन महान ग्रंथ का अर्थ व महत्व समझ आ सके.
साप्ताहिक गीता ज्ञान यज्ञ में उन्होंने बताया कि पहले का समय धर्मक्षेत्र था परन्तु वर्तमान समय कुरुक्षेत्र बन गया है. यानि हमारे जीवन में धर्म आचरण में था तो यह धर्मक्षेत्र कहलाता अपितु हमारे जीवन में ईर्ष्या, द्वेष, नफरत व हम एकदूसरे के साथ गलत व्यवहार करने लगते हैं, युद्ध करने लगते हैं यानि इसको कुरुक्षेत्र बना देते हैं यानि वर्तमान समय को कुरुक्षेत्र कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी क्योंकि हमारे मन में भी मानसिक युद्ध, पारिवारिक व सांसारिक युद्ध, राष्ट्रीय व वैश्विक युद्ध चल रहा है यानि पूरी दुनिया युद्ध का मैदान बन चुकी है.
बात की जाए 5000 हजार वर्ष पूर्व की तो उस समय भी युद्ध की तैयारियां हो चुकी थीं. उस समय भी धर्म व कर्म को भूलने लगे थे तब उस परिस्थिति को देखते हुए भगवान अवतरित हुए और उन्होंने श्रीमद भागवत गीता का ज्ञान दिया. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक महाभारत में कौरव व पाण्डव कौन, महाभारत में वर्णित युद्ध हिंसक था या अहिंसक. गीता ज्ञानदाता का विराट रूप, कालचक्र का ज्ञान, ज्ञान-विज्ञान योग, श्रेष्ठ कर्म की पहचान, भक्ति योग के साथ-साथ जीवन जीने की सम्पूर्ण विधि को सरलीकरण करके साप्ताहिक गीता ज्ञान में उपस्थित श्रोताओं को समझाया.
बी.के. सुनील दीदी संचालिका ब्रह्मकुमारी आश्रम, चाणक्यपुरी इस सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत गीता ज्ञान यज्ञ
कार्यक्रम की संयोजक रहीं साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में बी.के. तनु प्रजापिता ब्रह्मकुमारी का सहयोग सराहनीय रहा.

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