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डेंगू से पीड़ित मरीज भयभीत न हों तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचें : डा सुभाष चन्द्र मौर्य

रमाकांत बरनवाल

सुलतानपुर (नवसत्ता) :- बदलते मौसम परिवर्तन के साथ इस समय सबसे बड़ा संकट स्वास्थ्य का है। स्वास्थ्य अच्छा बना रहे यह एक बड़ा चैलेंज समाज के लिए है । जाने अनजाने आजकल डेंगू जैसी भयंकर बीमारी का सामना करना पड़ रहा है जिसमें प्लेटलेट्स घट जाने के साथ शरीर में खून की भी कमी हो जाती है। डेंगू से पीड़ितों की संख्या इन दिनों प्राइवेट अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी बढ़ते जा रहा है इस सम्बन्ध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रत्येक सप्ताह बुधवार, शनिवार तथा दूसरे रविवार व चतुर्थ शनिवार को ओपीडी व इमरजेंसी ड्यूटी में कार्यरत अत्यंत कुशल जनरल फिजिशियन डा सुभाष चन्द्र मौर्य बताते हैं कि डेंगू से पीड़ित मरीजों को घबराने की आवश्यकता नहीं है व बाजार से भी चिकित्सक के परामर्श किए बिना कोई भी दवा नहीं लेना चाहिए बुखार सिरदर्द व बदन दर्द महसूस होते ही उन्हें नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर अवश्य पहुंचना चाहिए जहां विभिन्न जांचों के अतिरिक्त समस्त सुविधाएं तथा पूरा इलाज सम्भव है व बताया कि सामुदायिक केन्द्र करौदीकला तथा कादीपुर में भी प्रत्येक दिन पांच से छः मरीज डेंगू से पीड़ित पहुंच रहे हैं जिनका समुचित इलाज किया जा रहा है और सभी स्वस्थ भी हो रहे हैं। डा सुभाष मौर्य ने नवसत्ता समाचारपत्र से अपनी बातें साझा किया प्रस्तुत है रिपोर्ट……..

डेंगू के लक्षण -बुखार व ठंड लग तेज बुखार का आना, आंखों के पीछे भाग में दर्द होना, सिरदर्द, पूरे बदन में दर्द, कमजोरी का आना ,गले का सूखना,खाने की इच्छा का न होना तथा ज्यादा गम्भीरता के बढ़ते ही उल्टी व उबकाई का आना आदि लक्षण दिखते हैं।
डेंगू के मरीज क्या करें — उक्त लक्षणों के रहते मरीज तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पहुंच चिकित्सक से सलाह ले इलाज प्रारम्भ कर दें व केन्द्र पर ही ब्लड की जांच कराएं जिससे डेंगू का पता चल सके व समय पर इलाज सम्भव हो सके। मरीज मच्छरदानी का प्रयोग करें जिससे परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित न हों ,तरल पदार्थ अधिक से अधिक लें व बेड रेस्ट करें शारीरिक श्रम बिलकुल न करें व समय समय पर चिकित्सक से परामर्श लेते रहें व घर के आसपास स्वच्छता पर ध्यान रखे जाने के साथ गन्दा या अन्य पानी एक जगह एकत्रित न होने दें तथा शाम के समय फुलस्लीव के सुरक्षित कपड़े पहनें।

फिजिशियन डा सुभाष चन्द्र मौर्य कहते हैं कि डेंगू में प्लेटलेट्स ज्यादा व निश्चित मात्रा से कम होने पर यह खतरनाक भी हो सकता है जिसका इलाज मेडिकल कालेज में ही सम्भव होता है जहां प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था भी रहती है और गम्भीर हालत में बिनादेरी किए मेडिकल कालेज तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिनकी इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत रहती है डेंगू से पीड़ित मरीज जल्द ही स्वस्थ हो जाते हैं और सबसे बड़ी बात उन्होंने कहा कि बीमारी से पहले सभी को अपने को संयमित व सुरक्षित ,जागरूक (अवेयरनेस ) ढंग से दिनचर्या का पालन करना चाहिए जिससे परेशानियों से बचा जा सकता है।

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