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नए साल से महंगे होंगे जूते-चप्पल, कपड़ों पर नहीं बढ़ेगी जीएसटी

नई दिल्ली,नवसत्ता: कपड़ा व्यापारियों के भारी विरोध के बाद कपड़ों पर होने वाली जीएसटी की वृद्धि को टाल दिया गया है. फिलहाल कपड़ों पर जीएसटी नहीं बढ़ाई जाएगी. इसके अलावा सभी फुटवियर पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, चाहे इन जूते-चप्पलों की कीमत कुछ भी क्यों न हो. रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएसटी काउंसिल ने अपनी बैठक में कपड़ों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी को फरवरी 2022 तक के लिए टाल दिया गया है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 46वीं बैठक ने अपनी अगली बैठक में इस मुद्दे पर और विचार करने का निर्णय लिया. दरअसल एक जनवरी से टेक्सटाइल और जूतों पर जीएसटी में सात फीसदी की बढ़ोतरी होनी थी. इसे 5 फीसदी से बढ़ाकर बारह फीसदी किया जाना था. जिसका देश भर के कई राज्यों के व्यापारी विरोध कर रहे थे. व्यापारियों के भारी विरोध को देखते हुए जीएसटी काउंसिल ने इसे टालने का फैसला किया है. हालांकि इसको लेकर भविष्य में रोडमैप तैयार किए जाने की भी चर्चा है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कपड़ों पर वृद्धि होने वाली जीएसटी को टालने के फैसला का स्वागत किया है. लेकिन उन्होंने भी इसकी आशंका जाहिर की है कि यह फैसला संभवत: विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लिया गया हो.

कमल नाथ ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा कि कपड़े पर जीएसटी की दर को 5प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के निर्णय को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय स्वागत योग्य. कपड़ा व्यापारी इस निर्णय का पुरज़ोर ढंग से विरोध कर रहे थे. बस यह निर्णय पाँच राज्यों के आगामी चुनावों को देखते हुए अस्थायी रूप से ना लिया गया हो.

वर्तमान में मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत, एमएमएफ यार्न पर 12 प्रतिशत है, जबकि कपड़े पर 5 प्रतिशत की दर से लागू होती है. परिषद ने बीते 17 सितंबर को संपन्न हुई अपनी पिछली बैठक में फुटवियर और कपड़ा क्षेत्रों में जीएसटी दर के ढांचे में बदलाव का फैसला किया था.

जीएसटी काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 जनवरी, 2022 से सभी फुटवियर पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, चाहे इन जूते-चप्पलों की कीमत कुछ भी क्यों न हो. यानी जूता चाहे 100 रुपये का हो या फिर 1000 रुपये का सभी पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा. इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रेडीमेड कपड़ों सहित कपास को छोड़कर कपड़ा उत्पादों पर 12 प्रतिशत समान जीएसटी दर लागू होगी.

ऐसा माना जा रहा था कि आज की बैठक में स्लैब घटाए जा सकते हैं. जीएसटी काउंसिल ने बैठक में 12 फीसदी और 18 फीसदी के स्लैब को मिलाए जाने पर चर्चा तो की, लेकिन इस पर फैसला नहीं लिया जा सका. रिपोर्ट के मुताबिक, अब जूते-चप्पल पर टैक्स कम करने और दो स्लैब को आपस में मिलाने के बारे में काउंसिल की अगली बैठक में विचार किया जाएगा.

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