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छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लेने से ही ऊर्जा का संचार हो जाता है : शांतनु महाराज

सन्त तुलसीदास महाविद्यालय व सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज झारखंड में कार्यक्रम आयोजित –

कादीपुर,सुलतानपुर,(नवसत्ता ):- अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास पूज्य आचार्य शान्तनु जी महाराज द्वारा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज झारखंड में छात्र छात्राओं को सम्बोधित करने के बाद सेवा भारती काशी प्रान्त द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज की जीवनगाथा पर आधारित महानाट्य आयोजन को ले सन्त तुलसीदास पीजी कॉलेज सभागार में संगोष्ठी का आयोजन हुआ जहां आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि हमें हमारे इतिहास को न तो सही ढंग से पढ़ाया गया और न तो सही बताया ही गया जिससे नयी पीढ़ी अपने महापुरुषों से परिचित नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि देश के महानायक महाराज छत्रपति शिवाजी का नाम लेने से ही पूरे शरीर में ऊर्जा भर जाती है तथा शरीर में ऊर्जा का संचार हो जाता है। उन्होंने बताया कि भारतवर्ष के सैकड़ों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी जवानी तक कुर्बान किया जिसके बदौलत हमें आजादी मिली है पर हमें पढ़ाया गया कि हमें आजादी बिना लड़ाई व संघर्ष के ही मिल गई। उन्होंने बताया कि आज के नौजवान रील बनाने में व्यस्त हैं उन्होंने नौजवान साथियों से अपने देश व धर्म की रक्षा करने के लिए निवेदन किया व इसके चिंतन पर बल दिया। संगोष्ठी में शांतनु महाराज ने कहा कि आज जिस महापुरुष के जीवन पर चर्चा आयोजित की गई ऐसे महापुरुष छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महा नाट्य आज के युवाओं को अवश्य देखना चाहिए।

बीएचयू काशी के एम्फि थियेटर में आयोजित हो रहे जाणता राजा के सम्बन्ध में चर्चा करते हुए शान्तनु जी ने कहा कि शिवाजी महाराज दूरदर्शी राजा थे जिन्होंने 350 वर्ष पूर्व हिंदवी राज की स्थापना की थी जिसके पूरे होने पर सेवा भारती काशी प्रांत के संयोजन में ऐसा आयोजन किया जा रहा है तथा जाणता राजा महानाट्य दुनिया के विशालतम नाट्य की श्रेणी में आता है जिसमें 300 से अधिक कलाकार जो महाराष्ट्र पुणे से ही संबंधित है वह सभी इस महा नाट्य में मंचन करेंगे और साढ़े तीन सौ वर्ष पूर्व का दृश्य इस मंचन में दिखाए जाएंगे जिसमें सुसज्जित सेना ,राज महल व प्राचीन दुर्ग दिखाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वास्तव में यह महानाट्य मंचन हिंदू समाज को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम व सशक्त श्रोत है क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज सच्चे योद्धा तो थे ही साथ एक कुशल प्रशासक , एक कुशल अर्थशास्त्री एक कुशल नेतृत्व कर्ता तथा एक प्रेरक के रूप में भी रहे। शिवाजी के जीवन के बारे में जानना नवयुवक पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है इसलिए छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर नाट्य मंचन 21 नवंबर को काशी में किया जा रहा है।

संगोष्ठी में आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि जिस गौरवशाली इतिहास को हम नहीं जान पाए, नहीं पढ़ पाए उस गौरवशाली इतिहास के बारे में इस नाट्य मंचन के माध्यम से हमें बताया जाएगा। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ आर एन सिंह ने आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया तथा महाविद्यालय प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने इस आयोजन को महाविद्यालय का ऐतिहासिक कार्यक्रम बताया व सभी के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर जिला प्रचारक अजेय जी, विभाग सह संघचालक डॉ हृदय राम यादव,नगरपंचायत अध्यक्ष आनन्द जायसवाल, भाजपा जिला महामंत्री घनश्याम चौहान, जिला उपाध्यक्ष आनन्द द्विवेदी, पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय, डॉ अब्दुल रशीद खां, रवींद्र मिश्र, डॉ राजकुमार सिंह, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज झारखण्ड प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।

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