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वक्फ संशोधन विधेयकः संसद में नंबर गेम और विपक्ष की घेराबंदी!

संवाददाता
नई दिल्ली,नवसत्ताः केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। इसके लिए भाजपा ने अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है। इस विधेयक को लेकर विपक्षी दल विरोध में लामबंद हो रहे हैं, जबकि सरकार का दावा है कि एनडीए के साथ-साथ विपक्ष के भी कई सांसद इसका समर्थन कर रहे हैं।

पिछले साल पेश हुआ था विधेयक
केंद्र सरकार ने यह विधेयक पहली बार 8 अगस्त 2024 को लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के कड़े विरोध के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया था। जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, और अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे फिर से संसद में पास कराने की तैयारी में है।
संसद का नंबर गेम

लोकसभा में स्थिति
कुल सदस्यः 542

भाजपा के सांसदः 240

एनडीए के कुल सांसदः 293

बहुमत के लिए जरूरी संख्याः 272

इस तरह सरकार के पास लोकसभा में बहुमत से अधिक संख्या है, जिससे विधेयक को पास कराना आसान रहेगा। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन प्छक्प्। के पास 233 सांसद हैं, जिसमें कांग्रेस के 99 सांसद शामिल हैं।

राज्यसभा में स्थिति
कुल सदस्यः 236

भाजपा के सांसदः 98

एनडीए के कुल सांसदः 115

सरकार को समर्थन देने वाले मनोनीत सांसदः 6

बहुमत के लिए जरूरी संख्याः 119

सरकार के पास समर्थनः 121

राज्यसभा में भी सरकार को जरूरी बहुमत हासिल है, हालांकि कुछ क्षेत्रीय दलों के रुख पर नजर बनी हुई है।

टीडीपी और जेडीयू का रुख
टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) और जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) ने विधेयक के समर्थन में अपनी सहमति दे दी है।

टीडीपी ने सरकार के सामने कुछ सुझाव रखे थे, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है।

जेडीयू ने कहा है कि वह संसद में अपना पक्ष स्पष्ट करेगी, हालांकि पार्टी के सुझाव भी सरकार द्वारा मान लिए गए हैं।

सरकार का पक्ष
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विधेयक को लेकर मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ष्इस विधेयक में गरीब और पिछड़े मुसलमानों, खासकर महिलाओं के हक में बदलाव किए गए हैं।ष्

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून आजादी से पहले से अस्तित्व में था और समय-समय पर इसमें संशोधन होते रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मस्जिदों, कब्रिस्तानों और वक्फ संपत्तियों को छीनने जैसी बातें सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए की जा रही हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है, लेकिन संख्याबल के हिसाब से सरकार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बढ़त हासिल है। विपक्ष के विरोध के बावजूद टीडीपी और जेडीयू जैसे एनडीए सहयोगियों का समर्थन सरकार के लिए मददगार साबित होगा। अब देखना यह होगा कि विपक्ष इस विधेयक पर संसद में सरकार को कैसे घेरने की कोशिश करता है।

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