संवाददाता
रायबरेली, नवसत्ताः निकाय चुनाव में जनता से बड़े-बड़े वादे करने वाली भारतीय जनता पार्टी का भी मानना है की बीते पांच साल में उनकी पार्टी की नगरपालिका अध्यक्ष होने के बावजूद जनता का काम नही हुआ। यही नहीं इस दौरान नगरपालिका में जमकर लूट हुई। यही कारण है की पूरे चुनाव प्रचार अभियान से नगर पालिका अध्यक्ष और उनके पति को दूर रखा गया है।
आम तौर पर राजनैतिक दल अपने कार्यकाल की उपलब्धियों के आधार पर जनता से वोट मांगते हैं,परंतु रायबरेली में उल्टी गंगा बह रही है। यहां अभी तक भाजपा की ही पूर्णिमा श्रीवास्तव नगर पालिका अध्यक्ष थीं। उनके पति मुकेश श्रीवास्तव पहले मेडिकल स्टोर चलाते थे। पत्नी के नगर पालिका अध्यक्ष बनने के बाद दुकान का शटर बंद कर वे नगर पालिका का काम सदर विधायक अदिति सिंह के संरक्षण में देखने लगे। इस जुगलबंदी पर बीते पांच साल के दौरान जमकर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगते रहे। यही नहीं भाजपा प्रत्याशी शालिनी कनौजिया के पति डॉक्टर बीरबल ने भी बकायदा ऑडियो जारी कर बीते पांच साल में नगरपालिका में हुई लूट का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आडियो में कहा कि बीते पांच साल में हुई खुली लूट के कारण नगरपालिका ने जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया।
शनिवार को प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भी एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि शहर में नालियां बजबजा रहीं हैं। चारो ओर गंदगी का अम्बार लगा हुआ है। पार्टी संगठन ने भी निवर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष के प्रति जनता की नाराजगी को देखते हुए उनको व उनके पति को पूरे चुनाव प्रचार अभियान से दूर रखा है। भाजपा प्रत्याशी के वोट मांगने वाले पोस्टर से भी दोनों के चेहरे नदारद हैं। जनता में इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं।