राजनीति
अरुण जेटली की तबियत स्थिर, उपराष्ट्रपति नायडू ने AIIMS पहुंचकर जाना हालचाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की तबियत अभी स्थिर बनी हुई है. उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है. शनिवार सुबह उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू जेटली का हालचाल लेने पहुंचे. एम्स के डॉक्टरों से जेटली की सेहत के बारे में उपराष्ट्रपति को जानकारी दी. पूर्व वित्तमंत्री जेटली गहन चिकित्सा केंद्र में रखा गया है. जहां डॉक्टर उन पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. एम्स की ओर से आज अरुण जेटली का हेल्थ बुलेटिन जारी किया जा सका है.


जेटली का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उपराष्ट्रपति नायडू को बताया कि जेटली की सेहत पर इलाज का असर हो रहा है उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. उपराष्ट्रपति ने वहां मौजूद जेटली के परिजनों से भी मुलाकात की. बता दें कि शुक्रवार को पूर्व वित्त मंत्री जेटली को घबराहट और कमजोरी की शिकायत के बाद दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था. जेटली के एम्स में भर्ती कराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और बीजेपी के कई बड़े नेता भी जेटली का हाल-चाल लेने एम्स पहुंचे.


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एम्स के एक सीनियर डॉक्टर के मुताबिक शुक्रवार को जेटली रुटीन चेकअप के लिए एम्स पहुंचे थे. जहां हृदय रोग विभाग में उनकी जांच की गई. प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें एडमिट होने की सलाह दी. उसके बाद एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट की एक टीम जेटली की सेहत पर नजर रखे हुए है. जेटली के परिजन भी एम्स में मौजूद हैं.


बता दें कि पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे हैं. उन्हें सॉफ्ट टिशू कैंसर नाम की बीमारी है. इससे पहले पिछले साल जेटली को किडनी संबंधी बीमारी के बाद उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी. किडनी की बीमारी के साथ ही वह कैंसर की चपेट में आ गए. बीमारी के चलते पूर्व वित्तमंत्री जेटली ने खुद को मंत्रीमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया था. इसके लिए उन्होंने खुद एक पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने कहा था कि सेहत खराब होने की वजह से वह मंत्रिमंडल की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते.

10 Aug 2019
navsatta
सीबीआई ने कहा-'उन्नाव रेप केस में कुलदीप के खिलाफ पर्याप्त सबूत, चले केस'
उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई ने बुधवार को अदालत में बताया कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ नाबालिग से रेप के पुख्ता सबूत हैं। सीबीआई ने अदालत को बताया कि चार जून 2017 को सेंगर ने अपने सहयोगी शशि सिंह के साथ मिलकर साजिश के तहत सामूहिक रेप किया।


सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि पीड़िता ने इस बारे में यूपी के मुख्यमंत्री को जानकारी भी दी, लेकिन 12 जनवरी 2018 तक इस मामले में तब तक कुछ नहीं हुआ, जब तक कि पीड़िता की मां ने अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया। सीबीआई के मुताबिक 3 अप्रैल 2018 को उन्नाव की कोर्ट में पीड़िता का पिता अपना बयान दर्ज कराने को पेश हुआ, लेकिन पुलिस ने इस मामले में आरोपों को बेबुनियाद बताया और उसी दिन पीड़िता के पिता को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया।


जिला जज धर्मेश शर्मा के समक्ष सीबीआई ने कहा कि पीड़िता और उसकी मां के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। इसके बाद अदालत ने पीड़िता एवं उसके परिवार की सुरक्षा पर चिंता जताई। साथ ही उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी गुरुवार को मांगी है।

08 Aug 2019
navsatta
52 सांसद ही भाजपा से लड़ने के लिए काफी: राहुल गांधी
Lok Sabha Election-2019 में पार्टी की करारी हार के बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पहली बार शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्टी के लोकसभा सदस्‍यों को संघर्ष का मंत्र देते हुए कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों (newly Congress parliamentarians) की पहली बैठक में कहा कि हर व्यक्ति को याद रखना चाहिए कि यह लड़ाई संविधान बचाने के लिए है। कांग्रेस के 52 सांसद ही भाजपा से इंच-इंच लड़ने के लिए काफी हैं।
01 Jun 2019
Navsatta
कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में राहुल ने दिया संघर्ष का मंत्र, 'संविधान के लिए है लड़ाई'
नई दिल्ली -कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में अध्यक्ष राहुल गांधी ने नए चुने हुए सांसदों को संघर्ष का मंत्र दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक में पार्टी के कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि कांग्रेस से जुड़े हर व्यक्ति को याद रखना चाहिए कि यह लड़ाई संविधान को बचाने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के 52 सांसद बीजेपी से इंच-इंच लड़ने के लिए काफी हैं। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के सामने मोदी सरकार को घेरने के लिए रणनीति बनाने की मुश्किल लड़ाई है।


कांग्रेस अध्यक्ष ने नए चुने हुए सांसदों को न्याय और संविधान के लिए संघर्ष की सीख दी। उन्होंने कहा, 'हम 52 सांसदों को मिलकर संघर्ष करना है। भले ही संख्या में हम 52 हों, लेकिन इसी संख्याबल से हम बीजेपी से इंच-इंच की लड़ाई करने में सक्षम हैं।' बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल ने पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद इस्तीफे की भी पेशकश की थी। कार्यसमिति में बैठक के बाद राहुल ने पहली बार पार्टी के किसी और कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इसमें उन्होंने पार्टी के नए सांसदों को संघर्ष की सीख दी।


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राहुल ने संविधान के लिए संघर्ष की नसीहत देते हुए, 'कांग्रेस पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह याद रखना चाहिए कि हमारी लड़ाई संविधान के लिए है। हमारी लड़ाई हर व्यक्ति के लिए है भले ही उसका रंग, उसकी आस्था कुछ भी क्यों न हो। हमारा संघर्ष देश के प्रत्येक नागरिक के लिए है और यह लड़ाई जाति, धर्म, लिंग, रंगभेद से परे है।' संसदीय दल की बैठक में लोकसभा सांसदों के साथ ही कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसदों ने भी हिस्सा लिया।

01 Jun 2019
navsatta
मोदी सरकार 2.0: जेडीयू के बाद अब शिवसेना भी हुई नाराज, एक ही मंत्रालय का प्रभार
मुंबई

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ अब एनडीए के असंतुष्ट सहयोगियों में जेडीयू के बाद दूसरा नाम जुड़ा है शिवसेना का। कम अहमियत वाले भारी उद्योग मंत्रालय मिलने पर शिवसेना नाराज बताई जा रही है। पार्टी ने इशारों में इसे जाहिर भी किया है। बता दें कि मुंबई दक्षिण से सांसद अरविंद सावंत ने 30 मई को मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री की शपथ ली थी। विभागों के बंटवारे के बाद उन्हें भारी उद्योग मंत्री बनाया गया है।

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देखिए: मोदी 2.0 में किन चेहरों को मिली एंट्री


पार्टी के एक रणनीतिकार ने कहा कि बीजेपी ने अपने सबसे पुराने सहयोगी को कम से कम तीन मंत्री बनाने का ऑफर नहीं दिया। इसके साथ ही एक मंत्री बनाया भी तो संचार, स्वास्थ्य या रेलवे जैसा अहम मंत्रालय नहीं दिया। बता दें कि इससे पहले बिहार में बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने एक मंत्री का ऑफर मिलने पर मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया था।


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शिवसेना को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की तरह एक बार फिर भारी उद्योग मंत्रालय मिला है। पिछले 21 साल में पांच बार शिवसेना को यही मंत्रालय मिला है। सबसे पहले बालासाहेब विखे पाटिल (1998), फिर मनोहर जोशी (1999), सुबोध मोहिते (2004) और अनंत गीते (2014-2019) ने भारी उद्योग मंत्रालय संभाला। गीते इस बार के लोकसभा चुनाव में एनसीपी के सुनील तटकरे से रायगड़ सीट पर हार गए। इसके बाद सावंत को इस पद के लिए चुना गया।


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दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, 'विभागों को लेकर हमने कोई मांग नहीं रखी थी क्योंकि विभागों का बंटवारा प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। हालांकि उद्धवजी दिल्ली में थे और वह इस बारे में जानते हैं। बीजेपी नेतृत्व को एक संदेश भेजा गया है।' सूत्रों के मुताबिक इस संदेश में शिवसेना ने अपनी नाराजगी का इजहार किया है।

01 Jun 2019
navsatta

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