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सिफारिश नहीं, योग्यता को अवसर: मुख्यमंत्री

  • प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया से हो रही भर्तियां
  • 332 आबकारी आरक्षियों को दिए गए नियुक्ति पत्र
  • भाजपा काल में पांच लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
  • 2016 में 18-19% थी यूपी की बेरोजगारी दर, आज मात्र 2.7%
  • 109 महिला आरक्षियों के चयन पर सीएम ने जताई प्रसन्नता
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से ही संभव हुई 33 नई डिस्टलरी की स्थापना
  • जेल में बंद हैं शराब से जुड़े माफ़िया: सीएम

लखनऊ,नवसत्ता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से चयनित 332 आबकारी आरक्षियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. लोकभवन में आयोजित समारोह में सीएम ने कहा कि लखनऊ, बुलंदशहर, गोरखपुर, झांसी, सहारनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर समेत सभी मंडलों से आबकारी आरक्षियों की नियुक्ति हुईं, जो इस बात का द्योतक है कि हमारी सरकार में सारी नियुक्तियां पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से हो रही हैं. अब बिना सिफारिश के आधार पर योग्यता के अनुरूप नौकरी दी जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदीय नवरात्रि में 332 में से 109 महिला आरक्षियों को नियुक्ति पत्र मिलना गौरव व प्रसन्नता की बात है. साढ़े 5 वर्ष में हमने 5 लाख से अधिक युवाओं को शासकीय सेवाओं से जोड़ा है, जो अपनी ऊर्जा का लाभ यूपी को दे रहे हैं. सीएम ने कहा कि यह काफी महत्वपूर्ण विभाग है. जहरीली शराब से बचाने वाला विभाग है. डिस्टलरी में अल्कोहल भी बनता है, जो दवाओं और प्रयोगशाला में भी प्रयोग किया जाता है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमने साढ़े 5 वर्षों में 33 नई डिस्टलरी लगवाई. जितनी 70 वर्षों में थी, उसकी आधी डिस्टलरी साढ़े 5 वर्षों में हमारी सरकार ने लगवाई. जहरीली शराब से बचाने के लिए डिस्टलरी को विकास से जोड़ा गया. इससे राजस्व की बढ़ोतरी हुई. आबकारी विभाग ने कानून के अनुरूप व्यवस्था चलाई. अब पर्व शांति से मनाए जाते हैं.

मिलावट करने वाले निर्दोषों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई नजीर बनी. ऐसे लोग अब जेल में सड़ रहे हैं. सीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन का अधिकार है. कानून का राज स्थापित है. हमने भर्ती से जुड़े आयोग व एजेंसियों से कहा कि पारदर्शिता से खिलवाड़ करने वाले को टिकने नहीं देंगे.

सीएम ने उम्मीद जताई कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक विभाग 42 हजार करोड़ रुपये का राजस्व देगा. सीएम ने कहा कि 2017 में समीक्षा के दौरान पता चला कि 14 हजार करोड़ में से सिर्फ साढ़े 12 हजार करोड़ का राजस्व आया था. हमने कहा कि स्टेट हाइवे, बस्तियों के चौराहों, अस्पतालों आदि के पास दुकानें नहीं चलेंगी. फिर भी हम उम्मीदों के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं. तकनीक का प्रयोग कर रेवेन्यू बढ़ाना आबकारी विभाग के रिफॉर्म का परिणाम है. विभाग के नेतृत्व व कर्मचारियों के योगदान से ही यह संभव है.

सीएम ने कहा कि एथेनॉल व एल्कोहल उत्पादन में उत्तर प्रदेश नंबर एक पर है. गन्ना किसानों को 5 वर्ष में 1 लाख 80 हजार करोड़ का भुगतान किया गया. डिस्टलरी से 10 हजार करोड़ का निवेश आया. एक लाख को प्रत्यक्ष व 10 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार दिया गया. सुदृढ़ कानून व्यवस्था के कारण प्रदेश में भारी निवेश भी आया. जिससे 1 करोड़ 61 लाख नौजवानों को नौकरी व रोजगार से जोड़ा. ओडीओपी व विश्वकर्मा श्रम सम्मान से 60 लाख युवाओं को स्वतः रोजगार से जोड़ा गया.

CMIE (सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी) के सर्वेक्षण में 2016 में जो 18-19 फीसदी बेरोजगारी थी, वह प्रदेश में घटकर अब लगभग 2.7 प्रतिशत के करीब आ गई है. सीएम ने नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान आरक्षियों से कहा कि आप समाज को सही दिशा देंगे. जहरीली शराब को रोकने में योगदान देंगे, राजस्व बढ़ाएंगे और जीवन से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाएंगे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतीक के तौर पर 11 आरक्षियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र वितरित किया. इनमें लखनऊ के मुकेश कुमार, बुलंदशहर के हरेंद्र कुमार, गोरखपुर की सुमन पटेल, श्वेता सोनकर, झांसी के प्रियंका सचान, सहारनपुर के हरदीप चौधरी, प्रयागराज की रीता यादव, मिर्जापुर की प्रियंका सिंह, गाजीपुर के सोनू अली, आजमगढ़ के आशुतोष दुबे व अयोध्या के संतोष पांडेय को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्ति पत्र वितरित किया.

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