सुल्तानपुर।
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित एमपी-एमएलए न्यायालय ने कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में अदालत में पेश होने के लिए अंतिम अवसर प्रदान किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी को 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना होगा।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी अदालत में पेश नहीं हो सके। इससे पहले की सुनवाई में परिवादी पक्ष के गवाह रामचंद्र दूबे का बयान दर्ज किया गया था, जिस पर बचाव पक्ष की ओर से जिरह भी हो चुकी है। अदालत पहले ही राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश दे चुकी थी।
राहुल गांधी के वकील ने दी पेश होने की जानकारी
राहुल गांधी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल 20 फरवरी को एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित होंगे। इसके बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए उन्हें अंतिम अवसर देने का आदेश पारित किया।
आठ साल पुराने बयान से जुड़ा है मामला
यह मामला करीब आठ वर्ष पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक कथित बयान से संबंधित है। आरोप है कि राहुल गांधी ने उस समय वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इस टिप्पणी से आहत होकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए न्यायालय में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। फिलहाल इस मामले की नियमित सुनवाई जारी है।
जमानत पर हैं राहुल गांधी
राहुल गांधी इस प्रकरण में पहले ही अपना बयान दर्ज करा चुके हैं और वर्तमान में जमानत पर हैं। अदालत ने यह भी संकेत दिया है कि यदि तय तिथि पर उपस्थिति नहीं होती है, तो आगे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

