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मारपीट मामले में मृतक अधिवक्ता के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज, प्रकरण में मुख्यमंत्री तक पहुंचेंगे मृतक अधिवक्ता के पुत्र

रमाकांत बरनवाल 

सुलतानपुर, नवसत्ता  :- बीते शुक्रवार को जनपद के कादीपुर कोतवाली अंतर्गत बीते शुक्रवार को मुकदमें की पत्रावली की जानकारी के सिलसिले में तहसील के अधिवक्ता जयकृष्ण पान्डेय तहसीलदार कार्यालय पहुंचे जहां पेशकार की सीट पर बैठे अंजनी मिश्र ने अधिवक्ता को फाइल की जानकारी देने से मना कर दिया। पेशकार द्वारा फाइल की जानकारी दिए जाने से मना करने पर दोनों पक्षों में तू तू मैं मैं के साथ मारपीट की नौबत आ गयी और इस मामले ने तूल भी पकड़ लिया जिस घटना पर तहसील के अधिवक्तागण भी इस प्रकरण को ले आक्रोशित हो गए। अधिवक्तागण घटना के तुरंत बाद जयकृष्ण पान्डेय को लेकर कोतवाली पहुंचे जिन्होंने तहसील के दो कर्मियों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया।

वहीं बात न बनने पर तहसील कर्मियों ने भी आनन-फानन अधिवक्ता जयकृष्ण पान्डेय तथा उनके मृतक अधिवक्ता पिता स्व सीताराम पान्डेय तथा अन्य पांच अज्ञात के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करा मुल्जिम बना दिया। बताते चलें कि अधिवक्ता जयकृष्ण पान्डेय के पिता सीताराम पान्डेय तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे जिनकी मृत्यु बीते वर्ष 2009 में ही हो चुकी है उन्हें मुल्जिम बनाया जाना व्यवस्था के खिलाफ भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया जिस कार्यवाही की तहसील अधिवक्ताओं ने घोर निन्दा भी किया।

मृतक वरिष्ठ अधिवक्ता जिनका इस घटना से कोई लेना-देना भी नहीं उन्हें किन परिस्थितियों व किस कारणों से एक मृतक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना पड़ा जो व्यवस्था तथा मानवीय संवेदनाओं व भावनाओं को कुचलने का कार्य कर रही है।इस त्रुटि के सम्बन्ध में कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता जयकृष्ण पान्डेय के मन को तो ठेस लगी ही है व्यवस्था के खिलाफ भी आवाज उठ रही है। जयकृष्ण पान्डेय ने इस प्रकरण की न्यायिक जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग किया है व कहा कि इस प्रकरण को लेकर वे उच्च अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी गुहार लगाएंगे तथा उन्हें व उनके परिजनों को उनके मृतक पिता के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर हुए आत्मिक आघात के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

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