Navsatta
देश

बिहार विधानसभा : महागठबंधन का बड़ा ऐलान – तेजस्वी यादव बने सीएम फेस, मुकेश सहनी डिप्टी सीएम के उम्मीदवार

संवाददाता
पटना नवसत्ता : बिहार का चुनावी माहौल तेजी से गर्म होता जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले विपक्षी महागठबंधन ने गुरुवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना सीएम फेस घोषित कर दिया। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया है। इसके साथ ही विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम फेस घोषित किया गया, जबकि दूसरे डिप्टी सीएम के नाम की घोषणा बाद में होने की बात कही गई। यह ऐलान पटना के होटल मौर्या में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी अशोक गहलोत ने किया।प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल: एकजुटता का संदेश, लेकिन विवाद भी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव, अशोक गहलोत, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, भाकपा-माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और अन्य नेता मौजूद थे। हालांकि, कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं जैसे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अनुपस्थिति ने कुछ सवाल खड़े कर दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थल पर लगे बैनर में केवल तेजस्वी यादव की तस्वीर थी, जिसमें अन्य बड़े नेताओं की फोटो न होने पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तंज कसा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि क्या आरजेडी कांग्रेस को “बड़े भाई” की बजाय “दायित्व” मान रही है?अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि यह फैसला राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की सहमति से लिया गया है। उन्होंने कहा, “हम सभी ने तय किया है कि इस चुनाव में तेजस्वी यादव को सीएम फेस के रूप में समर्थन देंगे। वे युवा हैं, उनका भविष्य लंबा है और जनता उनका साथ देगी।” गहलोत ने भाजपा पर काउंटर देते हुए कहा, “हमारा सीएम फेस साफ है, अब अमित शाह बताएं कि एनडीए का चेहरा कौन है?”तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम सिर्फ सरकार बनाने या सीएम बनने के लिए एकजुट नहीं हुए, बल्कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए। वर्तमान ‘डबल इंजन’ सरकार एक तरफ अपराध और दूसरी तरफ भ्रष्टाचार पर फोकस करती है। हम इसे उखाड़ फेंकेंगे।” उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी का आभार जताया। मुकेश सहनी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैं 3.5 साल से इस पल का इंतजार कर रहा था। यह महागठबंधन की एकजुटता का प्रतीक है।

“सीट शेयरिंग पर अंतिम दौर की चर्चा, लेकिन विवाद बरकरार

महागठबंधन में सीट बंटवारे पर चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ सीटों पर अभी भी पेंच है। आरजेडी और कांग्रेस के उम्मीदवार 5 सीटों पर आमने-सामने हैं, जबकि कांग्रेस का सीपीआई के साथ 3 सीटों पर टकराव है। भाकपा-माले नेता दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा, “हमने सोचा था कि ज्यादा सीटें मिलेंगी, लेकिन गठबंधन बड़ा होने से 20 सीटों पर संतुष्ट हैं। हम एकजुट लड़ेंगे।” गठबंधन में आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी है, उसके बाद कांग्रेस, वीआईपी, भाकपा-माले, सीपीआई और सीपीएम शामिल हैं।

एनडीए की ओर से तीखा पलटवार: ‘जंगल राज’ और ‘भ्रष्टाचार’ के आरोप

महागठबंधन के ऐलान पर एनडीए ने तुरंत हमला बोला। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “तेजस्वी यादव आईपीसी की धारा 420 के आरोपी हैं। उनके पिता लालू प्रसाद को चारा घोटाले में 32.5 साल की सजा हो चुकी है। बिहार की जनता जानती है कि विकास का श्रेय मोदी और नीतीश को जाता है।” भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “तेजस्वी का चेहरा जितना लोकप्रिय होगा, एनडीए उतनी तेजी से आगे बढ़ेगा। हम 2010 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।”जदयू नेता केसी त्यागी ने तंज कसा, “तेजस्वी पहले भी सीएम फेस रह चुके हैं, लेकिन बेनतीजा। इससे एनडीए को फायदा होगा।” लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, “महागठबंधन एसी कमरों में उलझा है, जबकि एनडीए की आवाज प्रचार से बैठ गई है। हम ऐतिहासिक जीत हासिल करेंगे।” जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, “तेजस्वी के पोस्टर पर ‘420’ लिखा होता तो चेहरा और सुंदर लगता।”भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कांग्रेस पर निशाना साधा, “राहुल गांधी तारिक अनवर को सीएम फेस चाहते थे। तेजस्वी को 9वीं कक्षा फेल होने के कारण अयोग्य मानते हैं। यह घोषणा राहुल को करनी चाहिए थी।

“बिहार चुनाव का नक्शा: क्या है दांव पर?

बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। महागठबंधन का लक्ष्य पिछली बार (2020) से बेहतर प्रदर्शन करना है, जब आरजेडी को 75 सीटें मिली थीं। तेजस्वी ने हाल ही में जीविका दीदियों के लिए सुधारों का वादा किया था, जिसमें उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और वित्तीय लाभ देने की बात कही। दूसरी ओर, एनडीए (भाजपा, जदयू, हम, वीआईपी-रामविलास) पटना से भागलपुर तक 4-लेन हाईवे जैसे प्रोजेक्ट्स का श्रेय ले रहा है।

प्रमुख बिंदु
महागठबंधन
एनडीए
सीएम फेस
तेजस्वी यादव
अभी घोषित नहीं (नीतीश कुमार संभावित)
डिप्टी सीएम फेस
मुकेश सहनी + एक अन्य
मुख्य मुद्दे
रोजगार, सामाजिक न्याय, बिहार का विकास
विकास, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, इंफ्रास्ट्रक्चर
संभावित सीटें (2020 में)
आरजेडी: 75, कांग्रेस: 19
भाजपा: 74, जदयू: 43
रणनीति
एकजुटता का प्रदर्शन, युवा अपील
मोदी-नीतीश की जोड़ी, विकास का रिकॉर्ड

सोशल मीडिया पर हंगामा: समर्थन और आलोचना की बौछारएक्स (पूर्व ट्विटर) पर यह खबर वायरल हो गई। समर्थकों ने #TejashwiForCM ट्रेंड चलाया, जबकि आलोचकों ने #JungleRaj की वापसी का डर जताया। एक यूजर ने लिखा, “तेजस्वी बिहार की नई उम्मीद हैं।” वहीं, दूसरे ने कहा, “भ्रष्टाचार के आरोपी का चेहरा? बिहार पिछड़ जाएगा।”आगे की राह: चुनावी जंग तेजआज ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा औरंगाबाद के गोह और वैशाली के पातेपुर में रैलियों को संबोधित करेंगे। अमित शाह पटना पहुंच रहे हैं। महागठबंधन की यह घोषणा विपक्ष को मजबूती देगी या आंतरिक कलह बढ़ाएगी, यह समय बताएगा। बिहार की 14 करोड़ जनता का फैसला नवंबर-दिसंबर में होने वाले चुनावों में तय होगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि बिहार को सच्चा विकास मिले।

संबंधित पोस्ट

गुजरात चुनाव प्रचार में जाने से रोकने के लिए मेरी गिरफ़्तारी की तैयारी : सिसोदिया

navsatta

संसद के नए परिसर के उद्घाटन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

navsatta

दिल्ली के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 20 गंभीर मरीजों की मौत

navsatta

Leave a Comment