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देश की प्रतिभाओं को सामने लाने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता“इंडिया स्किल्स की हुई शुरुआत

नई दिल्ली, नवसत्ता :- कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के तत्वाधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता “इंडिया स्किल्स की शुरुआत आज दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेन्शन सेन्टर में हो गई है। देश की यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अनेक कौशलों को उत्सव के रूप में मनाने के साथ हीयुवाओं को सुनहरे अवसरों से भरा हुआ भविष्य देने के लिए सशक्त करेगी।

इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता को विभिन्न उद्योगों के साथ तालमेल को बढ़ावा देने, वैश्विक मानकों के साथ प्रशिक्षण मानकों को एक साथ लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें अंतिम पुरस्कार के रूप में विजेता प्रतियोगी को2024 में लियोन, फ्रांस में वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।विजेत प्रतियोगी 65 से अधिक देशों के 1,500 प्रतियोगियों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे। इस वर्ष, शुरुआती ट्रेंड्स से यह अनुमान लगाया गया है कि भारत वर्ल्डस्किल्स में ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटैलिटी मेक्ट्रोनिक्स और वाटर टेक्नोलॉजी में पदक जीतने में सफल रहेगा।

इंडियास्किल्स प्रतियोगिता -देश के 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 900 से अधिक छात्र और 400 से अधिक इंडस्ट्री एक्सपर्ट को एक साथ एक बड़ा राष्ट्रीय प्लेटफार्म दे रही है।चार दिन आयोजित होने वाली इंडियास्किल्स प्रतियोगिता मेंप्रतिभागी पारंपरिक शिल्प से लेकर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों तक 61 कौशलों में अपने विविध कौशल और प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि 47 कौशल प्रतियोगिताएँ ऑनसाइट आयोजित की जाएंगी और सर्वोत्तम इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए 14 प्रतियोगिताएँ कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात में ऑफसाइट आयोजित की जा रही हैं। प्रतिभागी ड्रोन-फिल्म मेकिंग, टैक्सटाइल वीविंग, लेदर शू मेकिंग और प्रोस्थेटिक्स-मेकअप जैसे 9 एग्जीबिशन स्किल्स में भी भाग ले रहे हैं।

इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2024 में भाग लेने वालेप्रतिभागियों को आईटीआई, एनएसटीआई, पॉलिटेक्निक, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग और इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित होने का अवसर मिला है। यह बताता है कि भारतीय युवा अंतरराष्ट्रीय मानक प्रशिक्षण के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए कुशल बन रहे हैं।देश की सबसे बड़ी कौशल प्रतियोगिता के रूप में इंडियास्किल्स , कौशल के उच्चतम मानकों का प्रदर्शन करने और युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक प्लेटफार्मदेने के लिए बहुत अधिक प्रभावी है। जमीनी स्तर तक पहुंचने की क्षमता के साथ, इंडिया स्किल्स  देश के स्किल लैंडस्केप पर स्थायी प्रभाव डालने के लिए भी तैयार है।

इंडियास्किल्स प्रतियोगिता की शुरुआत के अवसर परकौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी ने कहा, “यह आयोजन हमारे देश में कौशल विकास और उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में हमारे सामने है। इंडियास्किल्स प्रतियोगिताएं वास्तव में एक अनूठा प्लेटफार्म है जो हमारी उत्तरोत्तर प्रतिस्पर्धी और तेजी से विकसित हो रही दुनिया में कौशल के उच्च मानक का लाभ सभी तक पहुंचाती है।इंडियास्किल्स प्रतियोगिता केवल कौशल का प्रदर्शन नहीं है; यह हमारे राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में कौशल विकास के आंतरिक मूल्य का उत्सव है। तीव्र तकनीकी प्रगति और डायनामिक ग्लोबल ट्रेन्डके युग में, प्रासंगिक कौशल रखना कभी भी अधिक महत्वपूर्ण नहीं रहा है”।

श्री तिवारी ने प्रतियोगियों से यह भी कहा कि, “किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेना उसे जीतने का पहला कदम है। इसलिए, आप सभी को आगे आकर भारत की सबसे बड़ी कौशल चैंपियनशिप में भाग लेते हुए देखकर मुझे बेहद गर्व हो रहा है। मैं जानता हूं कि आप सभी देश के अन्य युवाओं के लिए उत्कृष्टता का उदाहरण बनेंगे और युवाओं कोकौशल के प्रति जुनून विकसित करने, उत्कृष्टता हासिल करने और वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के अवसर खोजने के लिए प्रेरित करेंगे”।
इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के सीनियर इकॉनोमिक एडवाइज़र श्री नीलांबुज शरण, ने संबोधित करते हुए कहा कि,“हमारे देश के आर्थिक परिदृश्य को आकार देने में कुशल युवाओं द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानना अनिवार्य है। ऐसे देश में जहां अधिकांश आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, हमारे युवाओं की क्षमता का लाभ उठाना सिर्फ एक विकल्प नहीं है, बल्कि एक आवश्यकता है।

कुशल युवाओं में अपनी प्रतिभा और विशेषज्ञता के साथ नवाचार करने, निर्माण करने और हमारी अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की शक्ति होती है। भारतीय युवाओं को योग्यता, उत्कृष्टता और उत्पादकता के विश्व स्तरीय मानकों को प्राप्त करने में मदद करने का प्रयास करके, इंडियास्किल्स प्रतियोगिता न केवल कौशल विकास के स्तर को ऊपर उठा रही है बल्कि भारत को व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण में एक ग्लोबल लीडर के रूप में भी स्थापित कर रही है।”

उल्लेखनीय है कि इंडियास्किल्स 2024 में प्रतिभागियों को राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के अंतर्गत क्रेडिट अर्जित करने का अवसर मिलेगा। वर्ल्डस्किल्स और इंडियास्किल्स दोनों प्रतियोगिताओं में प्रदर्शित सभी कौशलों को नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के साथ सावधानीपूर्वक संरेखित किया गया है। यह पहली बार है कि इंडियास्किल्स ने क्यूरेन्सिया नामक एक कॉम्पिटिशन इंफॉर्मेशन सिस्टम को शामिल किया है।

स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) पोर्टल पर प्रतियोगिता के लिए लगभग 2.5 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 26,000 हजार को प्री-स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के माध्यम से शॉर्टलिस्ट किया गया था। यह डेटा राज्य और जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए राज्यों के साथ साझा किया गया था, जिसमें से 900 से अधिक छात्रों को इंडियास्किल्स नेशनल प्रतियोगिता के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।इस वर्ष, इंडियास्किल्स प्रतियोगिता को टोयोटा किर्लोस्कर, ऑटोडेस्क, जेके सीमेंट, मारुति सुजुकी, लिंकन इलेक्ट्रिक,नामटेक, वेगा, लोरियल, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, फेस्टो इंडिया, आर्टेमिस, मेदांता और सिग्निया हेल्थकेयर जैसे 400 से अधिक उद्योग और शैक्षणिक भागीदारों का सपोर्ट मिल रहा है।

इंडियास्किल्स प्रतियोगिताकौशल के गैप को पाटने और युवाओं को लगातार विकसित हो रहे जॉब मार्केट के लिए तैयार करने के लिए सरकारों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच साझेदारी की सुविधा प्रदान करती है, जिससे उन्हें क्षमता, उत्कृष्टता और उत्पादकता के विश्व स्तरीय मानकों को प्राप्त करने में मदद मिलती है।

 

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