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उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तरित्व कार्यवाही न करने पर, बिजली विभाग को देना पड़ेगा मुआवजा

लखनऊ नवसत्ताः  नियामक आयोग द्वारा चार साल पहले  दिए गए आदेश को आज बिजली उपभोक्ताओं पर लागू किया गया है। इस आदेश के जारी होने के बाद बिजली से सम्बन्धित  समस्याओं या शिकायतों से परेशान उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं का समय पर निवारण मिलेगा। साथ साथ ही अगर शिकायतों का निवारण एक समय सीमा के अन्दर न हुआ तो उन्हें मुआवजा  मिलेगा।

बता दे कि बिजली विभाग में अगर कोई उपभोक्ता अपनी शिकायत या समस्या लेकर विभाग के टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराता है पावर कॉर्पोरेशन को अब उपभोक्ताओं की शिकायतों पर तरित्व कार्यवाही करनी होगी और  यदि पावर कॉर्पोरेशन काम में अगर देर करता है, तो बिजली विभाग उपभोक्ताओं से जुर्माना न लेकर ब्लकि काम में  हुई देरी चलते उपभोक्ताओं को  मुआवजा देगा। लेकिन अगर किसी कारण ऐसा नहीं होता है तो उपभोक्ता पावर कॉर्पोरेशन से मुआवजा की मांग भी कर सकता है।

इतना ही नहीं अगर उपभोक्ता को अगर बिजली भी कम मिलती है उसके लिए भी उपभोक्ता मुआवजा मांग सकता है जिसमें शहर के लोगों को प्रति घंटे के हिसाब से 20 रुपए और ग्रामीण को 10 रुपए का मुआवजा मिलेगा।

दरअसल, नियामक आयोग ने मुआवजा संबंधी आदेश साल 2019 में लागू कर दिया था। लेकिन चार साल से इसको लागू नहीं किया जा रहा था। उसके बाद उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इसको लेकर फिर से शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद नियामक आयोग की तरफ से सख्ती दिखाई गई थी।

दरअसल,  चार साल पहले दिए गए आदेश पर से इसको लागू नहीं किया गया था जिसके बाद  उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने इसको लेकर फिर से शिकायत दर्ज कराई थी। उसके बाद नियामक आयोग की तरफ से सख्ती दिखाई गई थी। जिसके बाद  विभाग ने इसको लेकर साफ्टवेयर तक तैयार  किया है।  ऐसे में पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन एम देवराज ने सोमवार को इसे पूरे प्रदेश में लागू करते हुए कहा कि ऑल लाइन सिस्टम विकसित कर दिया गया है। 1912 पर शिकायत करने के बाद तय सीमा में काम नहीं हुआ तो उपभोक्ता फिर से मुआवजे की मांग को लेकर उसी नंबर पर शिकायत दर्ज कराएगा। वहां से फिर उपभोक्ता को एक अलग नंबर मिलेगा। जिससे आधार पर मुआवजे की मांग तेज होगी।

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