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नन के साथ यौन शोषण का मामला: बिशप फ्रैंको मुल्लकल सभी आरोपों से बरी

कोट्टायम,नवसत्ता: केरल के बहुचर्चित नन रेप केस में विशेष अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है. कोट्टायम कोर्ट ने इस मामले में आरोपी पूर्व बिपश फ्रैंको मुल्लकल को बरी कर दिया है. दरअसल फ्रैंको पर नन के साथ तीन साल की अवधि में कई बार रेप करने का आरोप लगा था.

फ्रैंको मुल्लकल भारत के पहले कैथोलिक बिशप थे, जिन्हें नन का यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. मुल्लकल पर नन के साथ 2014 और 2016 के बीच कई बार रेप करने का आरोप लगा था. कोट्टायम की अदालत ने 100 दिनों से अधिक समय तक चले मुकदमे के बाद उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है. साल 2018 में जालंधर सूबा के तहत आने वाली एक मण्डली की नन ने मुल्लकल पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था.

बीते तीन वर्ष से चल रही थी सुनवाई

मुल्लकल पर आरोप था कि उन्होंने जालंधर सूबे का बिशप रहते हुए अपने कॉन्वेंट की यात्रा के दौरान एक नन के साथ कई बार यौन शोषण किया था. इस केस पर बीते तीन वर्ष से सुनवाई चल रही थी. मामले में विशेष जांच टीम तैयार की गई थी. जो सितंबर 2018 में गिरफ्तार हुए बिशप पर लगे सभी आरोपों की जांच कर रही थी. उनपर नन को गलत तरीके से कैद करने, बलात्कार, अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया गया था. मामले में नवंबर 2019 में सुनवाई शुरू हुई थी.

अदालत ने खबर के प्रकाशन पर लगा दी थी रोक

इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को उसकी अनुमति के बिना मुकदमे से संबंधित कुछ भी प्रकाशित करने पर रोक लगा दी थी. मामले में अदालत का फैसला आते ही बिशप अदालत से बाहर चले गए. उन्होंने मीडिया द्वारा पूछे जा रहे सवालों का भी जवाब नहीं दिया. साथ ही हाथ जोड़ते हुए भगवान का शुक्रिया किया. इस मामले में करीब तीन साल पहले चार्जशीट दाखिल की गई थी. जिसमें 83 गवाहों के बयान दर्ज थे. साथ ही लैपटॉप फोन, समेत 30 सबूत जब्त किए गए थे.

नन ने लगाए थे ये आरोप

केरल में जून 2018 में 43 वर्षीय जालंधर डायोसिस की एक नन ने पूर्व बिशप फ्रैंको मुल्लकल पर कई बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था. नन के मुताबिक 2014 और 2016 के बीच कई बार फ्रैंको ने उनका रेप किया. नन ने बिशप पर तीन वर्ष तक गैर कानूनी तरीके से बंधक बनाने, कई बार दुष्कर्म करने और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था. बता दें कि पीडि़त पंजाब के ही मिशनरी ऑफ जिसस मंडरी की सदस्य है.

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