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संत कालीचरण महाराज के खिलाफ केस दर्ज, महात्मा गांधी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

रायपुर,नवसत्ता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित धर्म संसद में महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले संत कालीचरण महाराज पर केस दर्ज हो गया है. राष्ट्रपिता के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने वाले कालीचरण महाराज के विरुद्ध प्रमोद दुबे की शिकायत पर थाना टिकरापारा में केस दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ अपराध क्रमांक 578/2021 धारा 505(2), 294 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

बताते चलें कि रायपुर में आयोजित धर्मसंसद 2021 का समापन हो गया. लेकिन इस कार्यक्रम का समापन विवादों के साथ खत्म हुआ. जहां पर धर्मसंसद का आखिरी दिन था, जिसमें संत कालीचरण ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान दिया, उन्होंने देश के बंटवारे के लिए बापू को जिम्मेदार ठहराया. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर दिए गए इस विवादित बयान से नाराज होकर कांग्रेस समेत दूसरे दलों के नेताओं ने तीखी आलोचना की है. महात्मा गांधी पर बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. वहीं, कांग्रेस नेता व रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे की शिकायत के बाद टिकरापारा थाने में गैर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है.

दरअसल, रायपुर के रावण भाटा मैदान में आयोजित 2 दिवसीय कार्यक्रम के समापन दिवस पर बोलते हुए, कालीचरण ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी की. इस पर उन्होंने कहा, इस्लाम का लक्ष्य राजनीति के माध्यम से राष्ट्र पर कब्जा करना है.

हमारी आंखों के सामने उन्होंने 1947 में कब्जा कर लिया था. उन्होंने पहले ईरान, इराक और अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था. साथ ही राजनीति के माध्यम से बांग्लादेश और पाकिस्तान पर कब्जा कर लिया था. मैं नाथूराम गोडसे को सलाम करता हूं कि उन्होंने मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या की.

विरोध में उतरे महंत रामसुंदर
वहीं, संत कालीचरण ने बापू पर यह बयान दिया तो कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक और राज्य गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास उनके इस बयान का विरोध जताते हुए वह छोड़कर कार्यक्रम से चले गए. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि धर्मसंसद से मैं खुद को अलग करता हूं और वह अगले साल धर्म संसद में शामिल नहीं होंगे. क्योंकि यहां मंच से महात्मा गांधी के खिलाफ अशोभनीय बातें कही गई हैं. हम इसका विरोध करते है. उन्होंने गुस्से में मंच छोड़ दिया और धर्मसंसद से बीच में चले गए. जिसके बाद धर्म संसद का माहौल पूरी तरह बदल गया. संतों में अफरातफरी मच गई और इसी के साथ धर्मसंसद को समाप्त किया गया.

कांग्रेस समेत अन्य दलों के नेताओं ने जताया विरोध
बता दें कि कांग्रेस समेत दूसरे दलों के नेताओं ने तीखी आलोचना की. इस दौरान कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने कहा कि यह भगवाधारी फ्रॉड राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सरेआम गालियां दे रहा है, इसे तत्काल अंदर करना चाहिए. गांधी जी से किसी को वैचारिक मतभेद हो सकता है, पर उनका अपमान करने का हक किसी को नहीं है. यह अक्षम्य अपराध है. इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार में ऊर्जा मंत्री डॉ नितिन राउत ने कहा है, ये कैसा देश बना दिया नरेंद्र मोदी जी आपने? जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को खुले मंच से गालियां दी जा रही और सामने बैठे लोग तालियां पीट रहे हैं. इनपर देशद्रोह लगा दें, यही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

धर्मसंसद का आयोजन नीलकंठ सेवा संस्थान ने किया
गौरतलब है कि बीते 2 दिन से चल रहे इस धर्मसंसद का आयोजन नीलकंठ सेवा संस्थान ने किया था, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास इसके संरक्षक थे. इस कार्यक्रम में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह, निगम सभापति प्रमोद दुबे, बीजेपी नेता सच्चिदानन्द उपासने समेत कई बीजेपी और कांग्रेस नेता भी शामिल हुए थे. बता दें कि संत कालीचरण तब चर्चा में आए थे, जब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध भोजपुर शिव मंदिर में शिव तांडव स्त्रोत का गायन करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. यह वीडियो फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने अपने ट्विटर पर पोस्ट किया था.

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