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‘रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड’ ने 771 मिलियन डॉलर में ‘आरईसी सोलर होल्डिंग्स’ को खरीदा

नई दिल्ली,नवसत्ता : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी सोलर लिमिटेड (आरएनईएसएल) ने चाइना नेशनल ब्लूस्टार (ग्रुप) से आरईसी सोलर होल्डिंग्स एएस (आरईसी ग्रुप) की 100प्रतिशत हिस्सेदारी के खरीदने की घोषणा की है. सौदा 771 मिलियन अमरीकी डालर के एंटरप्राइज मूल्य पर तय हुआ है.

अधिग्रहण पर बोलते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा: “मैं आरईसी के अधिग्रहण से बेहद खुश हूं क्योंकि यह सूर्य देव की असीमित और साल भर मिलने वाली सौर शक्ति का दोहन करने में मदद करेगा. यह अधिग्रहण दशक के अंत से पहले 100 गीगावॉट स्वच्छ और हरित ऊर्जा बनाने के रिलायंस के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, नई और उन्नत प्रौद्योगिकियों और परिचालन क्षमताओं में निवेश करने की हमारी रणनीति के अनुरूप है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य 2030 तक भारत में 450 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन है और इसे प्राप्त करने में किसी एकल कंपनी का यह सबसे बड़ा योगदान होगा. यह भारत को जलवायु संकट से उबारने और ग्रीन एनर्जी में वर्ल्ड लीडर बनने में मदद करेगा.“

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”हालिया निवेशों के साथ रिलायंस अब वैश्विक स्तर पर एकीकृत फोटोवोल्टिक गीगा फैक्ट्री स्थापित करने और भारत को कम लागत और उच्चतम दक्षता वाले सौर पैनलों के मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाएगा. हम वैश्विक कंपियों के साथ निवेश, निर्माण और सहयोग करना जारी रखेंगे ताकी भारत और दुनिया भर के बाजारों में ग्राहकों को किफायती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीय प्रोडक्ट दे सकें. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत तरीके से लाखों हरित रोजगारों के अवसर पैदा होंगे, इन अवसरों को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं.“

आरईसी एक मल्टीनेशनल सौर ऊर्जा कंपनी है. कंपनी का मुख्यालय नॉर्वे में और इसका ऑपरेशनल मुख्यालय सिंगापुर में है. उत्तरी अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया-प्रशांत में कंपनी के क्षेत्रीय केंद्र हैं. नॉर्वे में दो और सिंगापुर में एक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट है. कंपनी अपने तकनीकी इनोवेशन, उच्च दक्षता के साथ किफायती सौर ऊर्जा पैनल्स के निर्माण के लिए जानी जाती है. 25 वर्षों के अनुभव के साथ यह दुनिया की अग्रणी सौर सेल/पैनल और पॉलीसिलिकॉन निर्माण कंपनियों में से एक है.

बेहद कम कार्बन फुटप्रिंट वाली आरईसी के पास 600 से अधिक उपयोगिता और डिजाइन पेटेंट हैं, जिनमें से 446 स्वीकृत हैं और शेष का मूल्यांकन किया जा रहा है. आरईसी विश्व स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड है जो इनोवेशन के लिए जानी जाती है. तमाम उत्पादकों द्वारा आज आरईसी की हाफ कट पैसिवेटेड एमिटर और रियर सेल (पीईआरसी) तकनीकों के आधार पर उत्पादन किया जा रहा है. जबकि आरईसी नें अगली पीढ़ी की एचजेटी तकनीक को अपना लिया है. दुनिया भर में आरईसी में 1,300 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं. लेन-देन के बाद वे रिलायंस परिवार का हिस्सा बन जाएंगे. रिलायंस के महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी मिशन को गति देंगे. आरईसी की फ्रांस, अमेरिका और सिंगापुर में विस्तार योजनाओं को रिलायंस अपना पूरा सपोर्ट देगा.

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रिलायंस आरईसी की बेहतरीन तकनीकों का इस्तेमाल, जामनगर में बनने वाले धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में करेगा. जिसकी क्षमता 4 GW प्रति वर्ष से शुरू करके 10 GW प्रति वर्ष तक बढ़नें की योजना है. जहां आरईसी के पास बेहतरीन सौलर तकनीक है वहीं रिलायंस के पास बड़े पैमाने पर परियोजना लगाने और उसे उत्कृष्टता से चलाने का दशकों का अनुभव है. दोनों साथ मिलकर धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक अगली पीढ़ी का पूरी तरह से एकीकृत पीवी मैन्यूफैक्चरिंग सुविधा लगाएंगे और बाद में दुनिया भर में इसी तरह की बड़ी निर्माण सुविधाएं लगायी जा सकती हैं. आरईसी के अधिग्रहण से रिलायंस की पहुंच अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के साथ दुनिया भर के सौर ऊर्जा बाजारों में हो जाएगी.
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