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पैरालिंपिक खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री ने की मुलाकात, कहा-दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए वर्कशॉप आयोजित हो

पीएम मोदी से संवाद कर भावुक हुए पैरालिंपिक खिलाड़ी

नई दिल्ली,नवसत्ता : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज टोक्यो पैरालिंपिक में हिस्सा लेने वाले इन खिलाड़ियों से मुलाकात की। साथ ही खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। पीएम ने संवाद कार्यक्रम में कहा कि आप लोगों ने बहुत मेहनत की है। जिद का बहुत महत्व है, लेकिन इस बार जो कमी रही, उसे बोझ मत बनने देना। साथ ही पीएम ने कहा कि दिव्यांग खिलाडिय़ों को कोचिंग कराना ज्यादा मुश्किल है ऐसे में खिलाडिय़ों के लिए वर्कशॉप आयोजित की जानी चाहिए।

वहीं पैरालिंपिक खिलाड़ी बहुत इमोशनल हो गए। खिलाड़ियों ने कहा कि आपने पांच दिन में हमारे खेल को जन-जन तक पहुंचा दिया, ऐसा आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। खिलाडिय़ों ने प्रधानमंत्री से ये भी कहा कि वो अब स्ट्रेस में नहीं खेलेंगे। हाल ही में संपन्न टोक्यो 2020 पैरालिंपिक खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित कर दिया है। भारत पहली बार पैरालिंपिक खेलों में रिकॉर्ड 19 पदक जीतने में सफल रहा है।

संवाद के दौरान एक खिलाड़ी ने पीएम मोदी से कहा कि उन्हें हारने का अफसोस है, लेकिन इस हार ने उन्हें और मजबूत बना दिया है। हम अगली बार फिर से जीतने के लिए जी जान लगा देंगे। उन्होंने कहा कि ‘जब तक मेडल मिलेगा नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं’। प्रधानमंत्री ने खेल में हारने वाले खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि हमारी सबसे बड़ी ताकत हार कर जीतना होता है। इसलिए हार से कभी मनोबल को कम करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आपके साथ 130 करोड़ देशवासी हैं।

संवाद में एक पैरालंपिक खिलाड़ी ने पीएम मोदी से कहा कि मेरा ये पहला पैरालिंपिक था। उन्होंने कहा कि मैं अगली बार मेडल लेकर जरूर आऊंगा। खिलाड़ी ने कहा कि अन्य देशों के खिलाड़ी मुझसे कहते हैं कि उनके प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति उनसे सीधे बात नहीं करते हैं, लेकिन आप कर रहे हैं, इससे हम बहुत खुश हैं।

वहीं एक और खिलाड़ी ने पीएम से कहा कि सर आपकी स्टोरी भी हम पैरालंपिक खिलाड़ियों जैसी ही हैं। बहुत मोटिवेशनल स्टोरी है, हमें इससे प्रेरणा मिलती है।
दिव्यांग खिलाड़ियों पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को कोचिंग कराना ज्यादा मुश्किल है, क्योंकि उनकी शारीरिक क्षमता ही नहीं बल्कि वो मानसिक तौर पर भी आम खिलाड़ी से अलग हैं और उन्हें समझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों के लिए वर्कशॉप आयोजित की जानी चाहिए।
पैरालिंपिक खिलाड़ी शरद ने पीएम मोदी से कहा कि मैं अब आगे का गेम पूरे पैशन से खेलूंगा। जैसा कि आपने कहा टेंशन नहीं लेनी है। मैं अपने आगे के खेल में बिना किसी तरह का दवाब लिए जीत की तरफ फोकस करके खेलूंगा।

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